

खाद की किल्लत से किसान परेशान हो रहा है। और अब खाद के लिए किसानों का सब्र का बांध टूट रहा है क्योंकि बुवाई का समय निकला जा रहा है लेकिन हाथ के लिए किसान दर-दर भटक रहा है।
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हाथ के लिए किसान परेशान हो रहा है और प्रतिदिन सोसायटी के चक्कर लगा लगा कर थक गया है। कभी सोसाइटी पर खाद नहीं रहता है तो कभी सर्वर डाउन का बहाना बनाया जाता है। बुवाई का समय निकला जा रहा है और खाद आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे गुस्साए किसानों ने मजबूर होकर टीकमगढ़ मऊरानीपुर हाईवे पर कुआं गांव के पास चक्का जाम कर दिया । चक्का जाम में हजारों किसान थे। और सड़क के दोनों किनारों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। यह चक्का जाम करीब 2 घंटे तक लगा रहा। SDM मऊरानीपुर से आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने जाम खोला ।
खाद ना मिलने से किसान आक्रोशित हैं । किसानों ने कहा कि बड़ी आस लगाकर सोसाइटी पर आते हैं कि आज तो मिल ही जाएगा । लेकिन अधिकारी कोई ना कोई बहाना बनाकर बिना खाद के लौटा देते हैं। अब हद हो गई है क्योंकि बुवाई का समय निकला जा रहा है। पानी दिए गए खेत फिर से सूखे जा रहे हैं। और अब खाद डालने के लिए खेतों को फिर से पानी देना पड़ेगा। जिससे फसल में और अधिक लागत होगी । जब फसल में लागत अधिक हो जाएगी तो किसानों की आय दुगनी कैसे होगी।
किसान असहाय हो गया है और खाद के लिए मारा मारा फिर रहा है। सोसाइटी पर खाद नहीं है । लेकिन ब्लैक में खाद बेचा जा रहा है । खाद ना मिलने के कारण रवि फसल की बुवाई रुकी हुई है। अगर लेट हो गए तो लागत और अधिक लगानी पड़ेगी। जितना लाभ नहीं मिलेगा और किसान कर्ज में फंसेगा ।