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अग्निपथ योजना: अग्निवीरों का रिटेंशन प्रतिशत बढ़ाने के प्रयास, आलोचना और समर्थन

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नमस्कार दोस्तों! आज हम बात करेंगे एक बहुत ही चर्चा में रहने वाले विषय पर – अग्निपथ योजना। यह योजना हमारे देश की रक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला रही है और इसके बारे में जानना हम सबके लिए बहुत जरूरी है। तो चलिए शुरू करते हैं!

योजना का उद्देश्य और प्रक्रिया

अग्निपथ योजना, जिसे हाल ही में लागू किया गया है, देशभर में कई चर्चाओं को जन्म दिया है। इस योजना के तहत, युवाओं को चार साल के लिए सेना में सेवा करने का मौका दिया जाएगा, जिसके बाद केवल 25 प्रतिशत को ही आगे की सेवा के लिए रखा जाएगा। बाकी को अन्य की छुट्टी कर दी जाएगी।

लेकिन क्या यह सच में इतना आसान है? योजना के आलोचकों का कहना है कि चार साल की सेवा अवधि बहुत कम है। वहीं, कुछ लोग इसे हमारे देश के युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका भी मानते हैं। अभी हाल ही में, एनडीए की सहयोगी पार्टी JDU और LJP ने भी इस योजना पर सवाल उठाए हैं।

JDU के महासचिव और प्रवक्ता केसी त्यागी और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने अग्निपथ योजना का रिव्यू किए जाने की बात कही है।

अग्निवीरों का रिटेंशन प्रतिशत बढ़ाने के प्रयास

एक बड़ी चर्चा यह भी है कि अग्निवीरों के रिटेंशन परसेंट को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत या उससे अधिक किया जा सकता है। यानी 4 साल की नौकरी के बाद जिन एक चौथाई लड़कों को सेना में रखा जाना था, उसको बढ़ाकर के अब आधा या तीन चौथाई तक करने की बात चल रही है।

इसके साथ ही, देश की सेना भी अग्निपथ योजना को लेकर एक ‘इंटर्नल सर्वे’ कर रही है। इस सर्वे में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान दिया जा रहा है, जैसे अग्निवीरों की मृत्यु के बाद की वित्तीय सहायता, सेवा का समय तय करना, और अन्य।

ट्रिब्यून इंडिया की रिपोर्ट

ट्रिब्यून इंडिया के अजय बनर्जी की रिपोर्ट के मुताबिक़, अग्निपथ योजना की समीक्षा में चार अहम बिंदु होंगे। सबसे बड़ा मुद्दा है मौत या विकलांगता की स्थिति में वित्तीय मदद देना। इसके अलावा, सेवा का समय तय करना और सेवा में बने रहने वालों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, इन बिंदुओं को सैन्य मामलों के विभाग के द्वारा रक्षा मंत्रालय के सामने रखा जाएगा। हालांकि, भर्ती किए गए लोगों के चार साल के कार्यकाल को बढ़ाने पर कोई कदम नहीं उठाया जाएगा, क्योंकि यह प्रतिकूल नतीजे दे सकता है।

वित्तीय सहायता और सेवा अवधि

तीनों सेनाएं चाहती हैं कि 25 प्रतिशत सैनिकों को रखने की सीमा कई चरणों में बढ़ाई जाए। पहले इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए और बाद में इसे और भी बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, ड्यूटी के दौरान अग्निवीर की मृत्यु होने की स्थिति में, उसके परिवार को जीवन भर ‘निर्वाह भत्ता’ देने की भी प्रस्तावना है।

नए प्रस्ताव में यह भी ज़िक्र है कि ड्यूटी के दौरान विकलांग होने वाले अग्निवीरों को नियमित सैनिकों की तरह पूरी तरह फायदे का हकदार बनाया जाएगा।

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तो दोस्तों, ये थे अग्निपथ योजना से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ और अपडेट्स। हमें उम्मीद है कि यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। अगर आपके पास कोई सवाल या सुझाव हैं, तो नीचे कमेंट करें। और हां, इसी तरह की अन्य खबरों को पढ़ने के लिए जुड़े रहे हमारे साथ, हम मिलेंगे अगले लेख में, तब तक के लिए, खुश रहिए, स्वस्थ रहिए और अपने देश की सेवा के लिए हमेशा तैयार रहिए। जय हिंद!

Barkat

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