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Jhansi में यात्रियों ने एक बस का नाम ‘पति-पत्नी’ एक्सप्रेस रखा, जानिए क्या है पूरा मामला

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Jhansi: अपनी जिंदगी में हर इंसान कुछ ना कुछ ऐसा करना चाहता है जिसको देखकर उससे जुड़े लोग उस पर गर्व करें। लोग उसकी मिसालें दें। जबकि इसके लिए वह जी तोड़ मेहनत भी करता है। काम कभी कोई भी छोटा या फिर बड़ा नहीं होता। बस इंसान की सोच ही छोटी और बड़ी होती है। झांसी के रहने वाले सुरेंद्र और संगीता की कहानी इन दिनों लोगों के बीच छाई हुई है। इन कपल को लोगों को Bus का खूबसूरत और सुहाना सफर करवाना अच्छा लगता है और आज वह अपनी इसी हॉबी के कारण से सोशल मीडिया पर छा गए हैं।

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जानिए (पति-पत्नी एक्सप्रेस) अनोखे नाम की वजह

उत्तर प्रदेश के Jhansi में रोडवेज की एक ऐसी बस चलती है। जिसे स्थानीय लोगों ने पति-पत्नी एक्सप्रेस का नाम दिया है। इस अनोखे नाम की यह वजह है कि बस ड्राइवर व कंडक्टर पति-पत्नी हैं। सुरेंद्र राठौर और संगीता राठौर मिलकर इस बस का संचालन करते हैं। वहीं पर सुरेंद्र राठौर ड्राइवर हैं और उनकी पत्नी उसी बस में कंडक्टर हैं। हालांकि झांसी के उरई के बीच चलने वाली यह बस संख्या यूपी 93-टी 0413 उरई डिपो की है। पति पत्नी दोनों रोज इस बस में सवारियों को बिठाते हैं और उन्हें उनके मंजिल तक पहुंचाते हैं।

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सुरेंद्र को नौकरी पत्नी ने दिलाई

सुरेंद्र ने बताया कि उन्हें उनकी पत्नी के कारण से यह नौकरी मिली है। 4 साल पहले ही उनकी पत्नी संगीता को कंडक्टर की नौकरी मिली थी। इसके एक साल के बाद से संगीता की सिफारिश पर सुरेंद्र को भी नौकरी मिल गई। आरएम द्वारा इन दोनों की ड्यूटी एक ही बस में लगा दी गई। अब इस बस की पूरी जिम्मेदारी संगीता और सुरेंद्र की होती है।

अन्य ड्राइवर सहयोग नहीं करते हैं

संगीता ने यह बताया जब मुझे कंडक्टर की नौकरी मिली तो कोई भी ड्राइवर उनकी ड्यूटी अपने बस में नहीं लगाता था। जब ये समस्या सुलझती हुई नहीं दिखाई दी तो संगीता ने आरएम से अपने पति सुरेंद्र को ड्राइवर की नौकरी देने की सिफारिश की। दरअसल उनकी ये बात मान ली गई और शुरू हो गई पति पत्नी एक्सप्रेस। आज 4 वर्ष से यह पति-पत्नी एक्सप्रेस चला रहे है।

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प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जा चुका है कंडक्टर संगीता राठौर को

ये बस सुबह 8 बजे उरई से चलती है व 12 बजे झांसी पहुंचती है। झांसी से 1 बजे निकलकर शाम 5 बजे तक उरई बस स्टैंड पहुंचती है। बता दें कि कोरोना काल में बेहतरीन सेवा देने के लिए रोडवेज की ओर से कंडक्टर संगीता राठौर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जा चुका है। सुरेंद्र और संगीता के पास एक बेटा और चार बेटियां हैं।

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