

कोरोना के कारण स्कूल बंद है। ऐसे में बच्चे हैं पढ़ाई में पिछड़ न जाए , इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की है।
दूसरी तरफ नक्सलियों ने इसका विरोध साथ शुरू कर दिया है। जिले के अंदरूनी इलाके में पर्चा चिपका कर दावा कर रहे हैं कि ऐसा करके सरकारी स्कूली बच्चों का भविष्य खराब कर रहे हैं। यह सब कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए हो रहा है।
प्रशासनिक अधिकारी मानते हैं कि ऑनलाइन शिक्षा के कारण मोबाइल के जरिए पूरे हे क्षेत्र में संवाद व्यवस्था सुगम हो जाएगी। यह नक्सलियों के लिए घातक साबित होगी ।
1 महीने में एक बार क्लास के नाम पर कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया है प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई परीक्षा का भगवाकरण करने के बाद भाजपा पर निशाना साधा नई शिक्षा नीति के विरोध में भी बातें लिखी है।
इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारी मानते हैं कि इस व्यवस्था से नक्सली देता है,