

Almond benefits
Almond Benefits in Ayurveda: नियमित और सही तरीके से सेवन करने पर बादाम जोड़ों, हड्डियों, तंत्रिकाओं, त्वचा, बालों, आंखों, पाचन तंत्र और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माने जाते हैं।
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आयुर्वेद में बादाम को सुपरफूड माना जाता है। ये न केवल शरीर को पोषण देते हैं बल्कि वात दोष को संतुलित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संस्कृत में बादाम को वात वारी कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि ये वात के शत्रु हैं। नियमित और सही मात्रा में सेवन करने पर बादाम जोड़ों, हड्डियों, तंत्रिकाओं, त्वचा, बालों, आंखों, पाचन तंत्र और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माने जाते हैं।
आयुर्वेद में बादाम को गुरु (पचने में भारी) कहा जाता है। इनमें मधुर रस और वात शमन गुण भी होते हैं, जिसका अर्थ है कि ये वात दोष को शांत करते हैं। वात के गुण शुष्क, ठंडे और हल्के होते हैं, जबकि बादाम में इसके विपरीत गुण होते हैं, इसलिए ये वात दोष को प्रभावी रूप से कम करते हैं।
बादाम गर्म तासीर के होते हैं, लेकिन इनका मुलायम और मीठा स्वाद पित्त को बढ़ाने में सहायक होता है, बशर्ते इन्हें तला न जाए या इनमें अत्यधिक नमक और मसाले न डाले गए हों। आइए जानते हैं बादाम खाने के स्वास्थ्य लाभ और इन्हें खाने का सही तरीका।
बादाम वात दोष को शांत करते हैं। ये ऑस्टियोआर्थराइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस, साइटिका और तंत्रिका संबंधी समस्याओं के उपचार में बहुत प्रभावी हैं। रोजाना बादाम खाने से शरीर को शक्ति मिलती है और मांसपेशियां व हड्डियां मजबूत होती हैं। बादाम वजन बढ़ाने और शारीरिक कमजोरी दूर करने में भी बहुत कारगर हैं।
आयुर्वेद में बादाम को एक शक्तिशाली कामोत्तेजक माना जाता है। ये प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं। ये शुक्र धातु (शुक्र तत्व) को पोषण देते हैं, और आयुर्वेद इन्हें खसखस, घी और दूध के साथ खाने की सलाह देता है।
बादाम को मेध (वसा) कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि ये याददाश्त, एकाग्रता और ध्यान बढ़ाने में सहायक होते हैं, तनाव कम करते हैं और अच्छी नींद को बढ़ावा देते हैं। ये विशेष रूप से बच्चों, छात्रों और उन लोगों के लिए फायदेमंद हैं जो बहुत ज्यादा सोचते हैं।
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यह त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद है। बादाम शरीर में नमी बढ़ाते हैं, जिससे रूखी त्वचा और झुर्रियां दूर होती हैं। यह बालों का झड़ना भी कम करता है और बढ़ती उम्र (Almonds Benefits For Heart) के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।
चार-पाँच मीठे बादामों को रात भर पानी में भिगोकर रखें और सुबह छीलकर अच्छी तरह चबा लें। बादामों को भिगोने से वे आसानी से पच जाते हैं और उनके पोषक तत्व शरीर द्वारा बेहतर तरीके से अवशोषित होते हैं। हमेशा मीठे बादाम ही खाएं; कड़वे बादामों से बचें।
बादाम में मौजूद प्राकृतिक वसा और फाइबर मल को नरम करने में मदद करते हैं। नियमित रूप से और सही मात्रा में बादाम खाने से आंतों का सूखापन कम होता है, मल त्याग में आसानी होती है और कब्ज से राहत मिलती है।
Almond Benefits in Ayurveda: आयुर्वेद के अनुसार, बादाम वात दोष को संतुलित करते हैं और शरीर एवं मन दोनों को पोषण प्रदान करते हैं। इसके सेवन से त्वचा, बाल, हड्डियाँ और तंत्रिकाएँ लाभान्वित होती हैं। सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करने पर यह प्राकृतिक औषधि का काम करता है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपने आहार, व्यायाम या दवा में कोई भी बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य पेशेवर से परामर्श लें। किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति में, तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।